खैबर पख्तूनख्वा में सत्ता के शीर्ष दो नेताओं—मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और राज्यपाल फैसल करीम कुंडी—के बीच उग्र टकराव ने प्रांत को आतंकवाद के और करीब ला खड़ा किया है। हमलों की बाढ़ के बीच यह राजनीतिक कलह सुरक्षा की दीवारों को हिला रही है।
अफरीदी ने सेफ सिटीज को लागू करने पर जोर दिया, पेशावर में 711 कैमरों समेत प्रमुख इलाकों में नजर रखी। बन्नू (76), डेरा इस्माइल खान (88) और लक्की मरवत (47) कवर हुए, विस्तार टैंक-करक तक। यह अपराध रोकने और पुलिस को सशक्त बनाने का प्रयास है।
कुंडी ने प्रेस वार्ता में इसे दिखावा कहा, अफरीदी पर प्रांत छोड़ रैलियां करने का तंज कसा। टैंक विस्फोट से सात जवान शहीद, बन्नू में उग्रता—ऐसे हालात में सैन्य कार्रवाई, सीटीडी मजबूती और लेवी ट्रेनिंग की पुकार।
अफगान ड्रोन बमों का जिक्र कर कुंडी ने एकता की अपील की, रैलियों से ऊपर उठने को कहा। तरार ने अफरीदी के बयानों को टीटीपी के हित में बताया।
आंकड़े चिंताजनक: 2024 में 702 हादसे, 1363 शव—2023 से 45% ज्यादा। 2025 में 1588 केस, 510 पुलिस पर हमले। हंगू-पेशावर संकट में डूबे।
सेवा क्षेत्र में पीटीआई की कमजोरी उजागर कर कुंडी ने केंद्र-प्रदेश साझेदारी मांगी। विवाद से आतंकी फायदा उठा सकते हैं।