बीजिंग ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद विरोधी वैश्विक मोर्चे का आग्रह किया है। सुरक्षा परिषद की 4 फरवरी की बैठक में चीनी उप प्रतिनिधि सुन लेइ ने सभी देशों से एकजुटता की अपील की, ताकि अंतरराष्ट्रीय शांति सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने समान, व्यापक, सहयोगपूर्ण और निरंतर सुरक्षा नीति अपनाने का सुझाव दिया। आतंक के हर रूप पर जीरो टॉलरेंस, चुनिंदा कार्रवाइयों का खंडन और दोहरे मानदंडों से इनकार पर जोर दिया। एकत्रित शक्ति से वैश्विक स्थिरता की रक्षा संभव है, उनका मानना है।
अफगानिस्तान में सक्रिय इस्लामिक स्टेट, अलकायदा और पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट जैसे गुटों से पड़ोसी देश खतरे में हैं। अफगान सरकार से ठोस कदमों की मांग की गई।
मध्य एशियाई राष्ट्रों, शंघाई सहयोग संगठन और अफगानिस्तान के साथ सहयोग मजबूत कर सीमांत आतंकवाद का मुकाबला करने का समर्थन। आर्थिक सहायता से जड़ें काटने और हर प्रकार के आतंक पर प्रहार की तैयारी का ऐलान।
वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में यह बयान महत्वपूर्ण है, जो बहुपक्षीय सहयोग को प्रोत्साहित करता है।