ओमान के मस्कट में शुक्रवार सुबह 10 बजे अमेरिका-ईरान के बीच न्यूक्लियर वार्ता होगी। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को फिर आंखें दिखाई हैं। एनबीसी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई को अमेरिकी सैन्य शक्ति से डरना चाहिए। न्यूक्लियर प्लान दोबारा चालू करने पर भयंकर हमले होंगे।
बैठक तुर्की से ओमान स्थानांतरित हुई क्योंकि ईरान ने तुर्की पर आपत्ति जताई। ओमान को तटस्थ माना गया और सहमति बनी।
ट्रंप ने हाल के हफ्तों में ईरान की प्रदर्शन दमन नीति की निंदा की है। उन्होंने हजारों मौतों का आरोप लगाकर सैन्य हस्तक्षेप और नेतृत्व परिवर्तन की मांग की।
ईरान के मंत्री अराघची ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की- मस्कट में अमेरिका से न्यूक्लियर बातचीत कल सुबह। ओमानी सहयोग का धन्यवाद दिया।
अमेरिका के एजेंडे में मिसाइलें, क्षेत्रीय छद्म युद्ध और आंतरिक अत्याचार शामिल। ईरान न्यूक्लियर तक ही सीमित रखना चाहता है।
ट्रंप की धमकियां तनाव बढ़ा रही हैं। ओमान की यह मुलाकात सफल रही तो राहत, वरना टकराव गहरा सकता है। वैश्विक नजरें इस पर टिकी हैं।