दक्षिण सूडान के संघर्षग्रस्त क्षेत्र बलिएट काउंटी में विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने सभी प्रकार की सहायता गतिविधियां निलंबित कर दी हैं। नदी काफिले पर हथियारबंद हमलों और लूट की घटना ने मानवीय सहायता की चुनौतियों को साफ कर दिया है।
बुधवार को जुबा से जारी बयान में डब्ल्यूएफपी ने खुलासा किया कि 30 जनवरी से 1 फरवरी तक उनके 12 नौकाओं के काफिले पर कई बार फायरिंग हुई। इसमें 1500 मीट्रिक टन से अधिक अनाज और अन्य जरूरी वस्तुएं लदी थीं, जो साझेदार एजेंसियों के लिए जा रही थीं।
बलिएट के दूरस्थ इलाकों में रातोंरात स्थानीय समुदाय के लोगों ने लूट मचाई, जबकि प्रशासन ने सुरक्षित आवागमन का वादा किया था। काउंटी स्तर पर कोई हस्तक्षेप न होने से डब्ल्यूएफपी को मजबूरन सभी ऑपरेशन रोकने पड़े।
कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक गतिविधियां बहाल नहीं होंगी। एजेंसी ने सरकार से चोरी सामग्री वापस दिलाने और मानवीय कार्यकर्ताओं पर हमलों को रोकने की अपील की। ‘सभी पक्ष सहायता पहुंचाने वालों का सम्मान करें,’ उन्होंने कहा।
जोंगलेई में दिसंबर 2024 से सरकारी बलों व विपक्षी लिबरेशन आर्मी के संघर्ष ने अकोबो, आयोड, न्यिरोल, उरोर में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नेस्तनाबूद कर दिया। 42 लाख भुखम लोगों को भोजन पहुंचाने की क्षमता खतरे में है।
बरसाती सीजन से पहले 12,000 मीट्रिक टन स्टॉकिंग प्लान असुरक्षा से प्रभावित। काफिले पर हमले सहायता नेटवर्क को कमजोर कर रहे हैं, जिससे भुखमरी का खतरा बढ़ रहा। शांति व सुरक्षा बहाली जरूरी।