भारत और अमेरिका के बीच हालिया व्यापारिक समझौते ने तमिलनाडु के तिरुपुर को उत्साह के साथ भर दिया है। यहां के कपड़ा निर्यातक निवेश, रोजगार और निर्यात में ऐतिहासिक उछाल की कल्पना कर रहे हैं। तिरुपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (टीईए) ने इसे सेक्टर के लिए मील का पत्थर बताया है।
महासचिव थिरु कुमारन ने कहा कि यह समझौता टेक्सटाइल उद्योग को मजबूत आधार देगा, जिसमें तिरुपुर प्रमुख स्थान रखता है। वैश्विक खरीदारों का भारतीय माल पर विश्वास बढ़ा है, जिससे नए बाजार खुल रहे हैं।
वर्तमान में भारत का टेक्सटाइल निर्यात 16 अरब डॉलर के आसपास है, जिसमें तिरुपुर से 5.2 अरब डॉलर की हिस्सेदारी है। तीन वर्षों में इनकी दोगुनी होने की संभावना है। यूरोपीय संघ के साथ एफटीए के अंतिम चरण में होने से लाभ और बढ़ेगा।
कुमारन ने भविष्यवाणी की, ‘दोनों समझौतों से उद्योग में तेज ग्रोथ आएगी। तिरुपुर में अगले साल आय दोगुनी हो सकती है।’ इससे बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी और निवेशकों का रुझान बढ़ेगा।
पीएम मोदी की अगुवाई, गोयल, सिंह और सीतारमण के प्रयासों की तारीफ करते हुए बजट को विकासोन्मुख बताया। इसके प्रावधान टेक्सटाइल में निवेश को प्रोत्साहित करेंगे और निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को बल देंगे। तिरुपुर का यह उत्थान पूरे क्षेत्र की समृद्धि का प्रतीक बनेगा।