दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध चरमोत्कर्ष पर पहुंच चुके हैं, जहां ईसीटीए के बाद व्यापार में 200 प्रतिशत की उल्लेखनीय प्रगति हुई है। नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलियाई राजनयिक जो वुडली ने इस उपलब्धि पर प्रकाश डाला और भविष्य की अपार संभावनाओं का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान ईसीटीए को अधिक समग्र एसईसीए में रूपांतरित करने के प्रयास तेज हैं। वुडली ने स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया की कच्चे माल की भरमार और भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत का संयोजन वैश्विक आपूर्ति के लिए आदर्श है।
यह साझेदारी दोनों को एकजुट होकर उत्पाद बनाकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की ताकत देती है। भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे तेज रफ्तार वाली शक्ति मानते हुए वुडली ने कहा कि इसके एफटीए रणनीतिक बदलाव दर्शाते हैं, जो पहले से बढ़ते व्यापार को और मजबूत करते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक के विश्लेषणों से साफ है कि भारत लक्षित साझेदार चुन रहा है। ऊर्जा, जलवायु एवं संसाधन क्षेत्रों में गहन सहयोग से यह साझेदारी और सशक्त होगी, जो वैश्विक मंच पर दोनों को नई ऊंचाइयां देगी।