भारतीय हवाई जहाज से बुधवार को श्रीलंका पहुंचे बुद्ध के देवनीमोरी अवशेषों ने कोलंबो में आध्यात्मिक उल्लास भर दिया। गंगारामया मंदिर में एक से 10 फरवरी तक चलने वाले इस प्रदर्शन से भारत-श्रीलंका के सांस्कृतिक बंधन और सशक्त होंगे।
स्वागत समारोह में मंत्री डॉ. सुनील सेनेवी व अभयरत्ना ने भाग लिया, जबकि भिक्षु व भक्तों ने गरिमा प्रदान की। मंदिर प्रबंधन ने भक्तों के दर्शन हेतु हर संभव सुविधा जुटाई है।
दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय से प्रस्थान से पहले मंत्रोच्चार व पूजा-अर्चना हुई, जो बौद्ध परंपराओं की जीवंतता दर्शाती रही।
पीएम मोदी के 2025 दौरे में की गई घोषणा से साकार यह आयोजन बौद्ध धरोहर के संरक्षण में भारत की भूमिका रेखांकित करता है। श्रीलंका के शीर्ष नेता इसकी सराहना कर चुके हैं।
अन्य देशों से भी श्रद्धालु आकर्षित होंगे, जिससे वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ेगी और दोनों राष्ट्रों के मध्य समझबूझ गहरी होगी।