ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का फरवरी में प्रस्तावित भारत दौरा वैश्विक बदलावों के दौर में दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करेगा, ऐसा विश्वास जताया है भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स नोब्रेगा ने। विशेष साक्षात्कार में उन्होंने व्यापार, तकनीक और रणनीतिक क्षेत्रों में गहराते तालमेल पर प्रकाश डाला।
राजदूत ने उल्लेख किया कि पीएम मोदी के जुलाई ब्राजील दौरे के ठीक एक साल बाद लूला का भारत आना संबंधों की गति को स्पष्ट करता है। ऊर्जा, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल ढांचा और प्रमुख निवेश साझेदारियों में महत्वपूर्ण समझौतों की संभावना है।
इस यात्रा का उद्देश्य ब्राजीलियन और भारतीय बड़ी कंपनियों के बीच पुल बनाना है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को गति मिले। नोब्रेगा ने मोदी के वैश्विक कद को रेखांकित किया, बताते हुए कि उनके कार्यकाल में कई अंतरराष्ट्रीय नेता भारत आए।
भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच सहयोग ही प्राथमिकता है। 70 वर्ष पुराने राजनयिक रिश्ते आज और भी मूल्यवान हैं। 20 साल पुराने व्यापार समझौते को बढ़ाने की प्रक्रिया तेज है, मेर्कोसुर के साथ एकीकरण संभव।
नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण से भारत की 6-7 प्रतिशत विकास दर स्पष्ट है, जिसमें तकनीकी उन्नति पर बल दिया जा रहा है। लूला का दौरा न केवल कूटनीतिक बल्कि आर्थिक क्रांति का प्रतीक बनेगा, जो दोनों राष्ट्रों को लाभ पहुंचाएगा।