अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राज्य स्तर के चुनावों में संघीय हस्तक्षेप की वकालत की है। मंगलवार को व्हाइट हाउस में बड़े व्यय बिल पर दस्तखत के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए फेडरल सरकार तैयार रहनी चाहिए।
“राज्य अगर कानूनी व ईमानदार चुनाव नहीं करा पाते तो केंद्र को कदम उठाना होगा,” ट्रंप ने कहा। उन्होंने राज्यों को फेडरल प्रतिनिधि बताते हुए वोटों की सटीक गिनती पर जोर दिया।
संविधान द्वारा राज्यों को सौंपी जिम्मेदारी पर ट्रंप ने पलटवार किया कि ईमानदारी सर्वोपरि है। डेट्रॉइट से अटलांटा तक भ्रष्टाचार के उदाहरण देकर उन्होंने वोटर आईडी को अनिवार्य बताया।
“धोखा देने वाले ही वोटर आईडी के खिलाफ हैं,” उनका कथन था। चुनाव प्रक्रिया को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए ट्रंप ने अविवेकपूर्ण प्रक्रियाओं को अस्वीकार किया।
सीमा सुरक्षा पर अडिग रहते हुए उन्होंने तलाशी वारंट की बहस को नकारा। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने 12 सैंक्चुरी राज्यों की नीतियों पर हमला बोला, जिन्हें अवैध移民 का कारक बताया।
ग्राहम इनका खात्मा करने वाले कानून ला रहे हैं, जो चुनावी मुद्दा बनेगा। ट्रंप ने अपराध दर में ऐतिहासिक कमी का श्रेय लिया और मिनेसोटा-कैलिफोर्निया में फ्रॉड पकड़ने से आर्थिक संतुलन का वादा किया।
यह बयान अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ेगा।