भारत सरकार ने 1991 आईएफएस बैच की नगमा मोहम्मद मल्लिक को मार्शल आइलैंड्स में अपना राजनयिक चेहरा बनाया है। जापान से ट्रांसफर लेते हुए वह पैसिफिक द्वीप राष्ट्र में जल्द पदभार ग्रहण करेंगी।
प्रशांत महासागर के इस छोटे देश की स्थिति माइक्रोनेशिया में हवाई व ऑस्ट्रेलिया के मध्य है, जो भू-राजनीतिक महत्व रखता है। विदेश मंत्रालय की इस चाल से भारत का पैसिफिक फोकस बढ़ेगा।
शिक्षा में इंग्लिश लिटरेचर ग्रेजुएट और सोशियोलॉजी पोस्टग्रेजुएट, मल्लिक बहुभाषी हैं—अंग्रेजी से मलयालम तक। दिल्ली के स्ट. स्टीफंस और डीएसई से पढ़ीं।
पेरिस दूतावास से करियर की शुरुआत, पीएमओ गुजराल स्टाफ, प्रोटोकॉल डिप्टी चीफ (पहली महिला), नेपाल-श्रीलंका पोस्टिंग, एमईए प्रवक्ता, रूस-सीआईएस डायरेक्टर, थाईलैंड डिप्टी हेड, ट्यूनीशिया राजदूत, ब्रुनेई हाईकमिश्नर।
अफ्रीका डिवीजन प्रमुख, पोलैंड राजदूत के बाद जापान। केरल मूल की दिल्ली जन्मी मल्लिक का करियर प्रेरणादायक है।
मार्शल आइलैंड्स में न्यूक्लियर इतिहास, क्लाइमेट चैलेंजेस के बीच भारत की आवाज बनेगी मल्लिक, द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देंगी।