प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर सेशेल्स राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी 5 से 10 फरवरी तक भारत पहुंचेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली यह यात्रा 1976 से चले आ रहे राजनयिक संबंधों की स्वर्ण जयंती पर संयोगिक है। विदेश मंत्रालय की सोमवार की जानकारी के अनुसार, दौरा महत्वपूर्ण साबित होगा।
राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात और पीएम मोदी के साथ बातचीत में द्विपक्षीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दे छाए रहेंगे। चेन्नई-मुंबई भ्रमण से कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय के मुताबिक, यात्रा सहयोग के नए द्वार खोलेगी।
सेशेल्स हिंद महासागर में भारत का रणनीतिक साझीदार है, जो विजन सागर व ग्लोबल साउथ नीति का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति धनखड़ की अक्टूबर 2024 सेशेल्स यात्रा के बाद यह कदम स्वाभाविक प्रगति है।
शपथ समारोह में धनखड़ की मौजूदगी के बाद स्टेट हाउस में हर्मिनी से द्विपक्षीय चर्चा हुई। शुभकामनाओं के साथ महासागर शांति पर सहमति बनी। वीपी मेरिटन से वार्ता में सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर।
संबंधों की शुरुआत 1976 स्वतंत्रता पर आईएनएस नीलगिरी से हुई। विक्टोरिया मिशन 1979 में, दिल्ली में सेशेल्स का 2008 में। यह यात्रा सुरक्षा, विकास व संपर्कों को सुदृढ़ करेगी।