भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल अनिल चौहान ने सोमवार को येरेवन के प्रसिद्ध आर्मेनियाई नरसंहार स्मारक पर जाकर 15 लाख निर्दोष आर्मेनियाई नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। आर्मेनिया में चार दिनों की महत्वपूर्ण यात्रा के क्रम में यह कदम दोनों देशों के गहरे संबंधों को प्रतिबिंबित करता है।
संग्रहालय और स्मारक की भव्य संरचनाएं नरसंहार की भयावहता, पीड़ितों की वीरता तथा शांति की पुकार को साकार करती हैं। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ ने सोशल मीडिया पर इसे स्मरण और न्याय के प्रतीक के रूप में वर्णित किया।
भारतीय दल का जोरदार स्वागत राजदूत नीलाक्षी साहा सिन्हा और मेजर जनरल तेमुर शाहनजार्यान ने किया। यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी और लंबे समय तक चलने वाले सुरक्षा बंधनों को सशक्त बनाना है।
पिनाका रॉकेट सिस्टम की पहली गाइडेड खेप हाल ही में आर्मेनिया भेजी गई, जो सोलर डिफेंस द्वारा बनी है। 2022 के ऐतिहासिक अनुबंध ने आर्मेनिया को डीआरडीओ के पिनाका का प्रथम अंतरराष्ट्रीय खरीदार बना दिया, जिसमें सभी प्रकार के संस्करण हैं।
अनगाइडेड रॉकेट्स की सप्लाई 2024 तक समाप्त हो चुकी, जिससे उन्नत मॉडल्स का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में मजबूत स्थिति दिलाती है। रक्षा मंत्री ने इसे उद्योग की सशक्त प्रगति का सूचक बताया।
क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच भारत-आर्मेनिया मित्रता नई मिसाल बनेगी। स्मारक पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर जनरल चौहान ने इतिहास से सबक लेते हुए भविष्योन्मुखी सहयोग का संदेश दिया, जो शांति और समृद्धि का आधार बनेगा।