पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का कहर देखकर म्यांमार ने यांगून हवाई अड्डे पर निगरानी तेज कर दी है। भारत से आने वाले यात्रियों की गहन जांच शुरू हो गई है ताकि वायरस यहां न पहुंचे।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुखार व लक्षणों पर निशाना साधा है। विदेशी यात्रियों की स्क्रीनिंग महामारी-जनक बीमारियों के दिशानिर्देशों के तहत हो रही है।
जागरूकता अभियान के तहत पर्चे व पोस्टर लगाए गए हैं। एयरपोर्ट स्टाफ के साथ मिलकर नियंत्रण उपाय लागू हैं, मांडले में भी वही हाल।
म्यांमार में फिलहाल कोई मामला दर्ज नहीं। यह वायरस 1998 मलेशिया से शुरू हुआ, सिंगापुर पहुंचा, फिर बांग्लादेश-भारत में घर कर गया। इंसानी संक्रमण परिवारों व अस्पतालों में निकटता से फैलता है।
डब्ल्यूएचओ की नजर में शीर्ष खतरा क्योंकि इलाज का अभाव। वैक्सीन न होने से सावधानी ही एकमात्र हथियार।
ऐसी तैयारी से म्यांमार ने वैश्विक यात्रा के जोखिमों का डटकर मुकाबला किया है। पड़ोसी देशों के संकट से सीख लेना समझदारी की निशानी।