भारत और फ्रांस ने नई दिल्ली में प्रस्तावित एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन को वैश्विक दक्षिण के लिए क्रांतिकारी कदम बताया है। वाशिंगटन के सीएसआईएस पैनल में राजदूत विनय एम क्वात्रा और लॉरेंट बिली ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि यह समावेशी विकास और जमीन पर दिखने वाले एआई प्रभाव पर जोर देगा।
क्वात्रा ने इसे विकासशील देशों के लिए ऐतिहासिक बताया, जहां ‘लोग, धरती, प्रगति’ के इर्द-गिर्द घूमेगा पूरा आयोजन। एआई को सरल, सुलभ और बड़े पैमाने पर उपयोग योग्य बनाने का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह साबित करेगा कि एआई सभी समाजों के लिए है।
फ्रांस के बिली ने पेरिस 2025 से चली परंपरा को आगे बढ़ाने पर बल दिया। अब फोकस कार्यान्वयन और निवेश पर है। समिट में सस्टेनेबल एआई पर सत्र, सैकड़ों प्रदर्शनकारियों वाला एक्सपो, सीईओ राउंडटेबल और नेतृत्वकर्ताओं की घोषणा होगी।
‘इम्पैक्ट’ का अर्थ वास्तविक नतीजे हैं, क्वात्रा ने स्पष्ट किया। वैश्विक स्तर पर नीतियां एक जैसी हों लेकिन प्रत्येक देश की स्वायत्तता बनी रहे। यूरोप में निवेश की बाढ़ के साथ भारत भी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
देश की विशाल आबादी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का विस्तार भारत को एआई के लिए लैबोरेटरी बनाता है। यह सम्मेलन पूर्व आयोजनों की विरासत को समृद्ध कर ग्लोबल साउथ को मजबूत आवाज देगा।