ओपन डोर्स की नई रिपोर्ट से साफ है कि पाकिस्तान के ईसाई निरंतर हिंसा, जबरन धर्म परिवर्तन, गुलामी जैसे श्रम और लैंगिक हिंसा झेल रहे हैं, सरकारी उदासीनता के चलते। वर्ल्ड वॉच लिस्ट 2026 में 50 देशों की फेहरिस्त में पाकिस्तान आठवें पायदान पर काबिज है, जो स्थिति की गंभीरता बयान करता है।
27 जनवरी 2026 को ब्रसेल्स की यूरोपीय संसद में कार्यक्रम के दौरान रिपोर्ट पेश हुई, जहां एमईपी मिरियम लेक्समैन, बर्ट-जान रुइसेन और माटेज टोनिन ने संयुक्त मेजबानी की। अल्पसंख्यक कार्यकर्ता जोसेफ जान्सन ने बताया कि 2025 के इस्लामाबाद बाल विवाह कानून के बावजूद लड़कियों के अपहरण और जबरन निकाह बंद नहीं हुए, न्यायालय शरिया लागू करते हैं।
ईशनिंदा के झूठे केस चर्च जलाने, हिंसा और बिना ट्रायल कैद का सबब बनते हैं। 2023 के जरनवाला हमले इसका उदाहरण हैं, जहां दर्जनों चर्च नष्ट हुए पर दोषी आजाद। सरकार टीएलपी जैसे उग्रवादियों पर सख्ती नहीं बरत रही, जिससे कैदी जेलों में हैं और न्याय टलता जा रहा। विश्व समुदाय पाकिस्तान से ठोस कदम की मांग कर रहा है।