राजधानी में आयोजित दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की सम्मेलन के सिलसिले में कई महत्वपूर्ण मुलाकातें हुईं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लीबिया के समकक्ष एल्ताहर एसएम एल्बाउर से बातचीत की, जिसमें लीबिया के मौजूदा हालातों का जायजा लिया गया।
दोनों ने व्यापारिक रिश्ते, आधारभूत ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी विस्तार पर विचार मंथन किया। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि लीबिया की जानकारी उपयोगी रही और भारत क्षेत्रीय शांति हेतु कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करता है।
लीबिया की राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत का यह रुख सतर्कता और अवसर का मिश्रण दर्शाता है। विदेश मंत्रालय ने एल्बाउर के आगमन पर ट्वीट किया कि यह यात्रा संबंधों को सकारात्मक दिशा देगी। सोमालिया के मंत्री का भी भव्य स्वागत हुआ।
अरब लीग प्रमुख अहमद अबुल घीत गुरुवार को आए, जिन्हें भारत-अरब एकजुटता का प्रतीक माना गया। ये उच्चस्तरीय चर्चाएं सभी क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
वैश्विक परिदृश्य में भारत की बढ़ती कदकठी इस मंच पर झलक रही है। ऊर्जा, व्यापार और शांति प्रयासों में प्रगति से दोनों क्षेत्रों को लाभ होगा, जो लंबे समय तक फलदायी सिद्ध होंगे।