भारतीय नौसेना और जेएमएसडीएफ के बीच नई दिल्ली में 11वें संस्करण के स्टाफ टॉक्स ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई दिशा प्रदान की। शुक्रवार को समाप्त इस द्विपक्षीय संवाद में दोनों सेनाओं ने परस्पर समन्वय, संयुक्त संचालन और मुक्त हिंद-प्रशांत की अवधारणा पर विचार-विमर्श किया।
रियर एडमिरल श्रीनिवास मद्दुला और रियर एडमिरल तोशियुकी हिराता के नेतृत्व में चली चर्चाओं में ऑपरेशनल एकीकरण, उपकरण साझा और मानव संसाधन विकास पर जोर दिया गया। नौसेना प्रवक्ता ने एक्स पर सफल समापन की जानकारी दी।
जेएमएसडीएफ ने कहा कि ये प्रयास संबंधों को गहरा करेंगे और क्षेत्रीय शांति में सहायक होंगे। विदेश मंत्री मोटेगी की हालिया भारत यात्रा ने इस सहयोग की नींव रखी, जहां दोनों नेताओं ने साझा दृष्टिकोण पर बल दिया।
चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के बीच यह साझेदारी रणनीतिक महत्व रखती है। 앞으로 मलाबार जैसे युद्धाभ्यासों का विस्तार, लॉजिस्टिक्स समझौते और निगरानी मिशनों में वृद्धि संभव है।
भारत-जापान गठजोड़ न केवल रक्षा बल्कि समुद्री पर्यावरण संरक्षण और आपदा सहायता में भी सक्रिय होगा। वैश्विक व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए यह साझा यात्रा एशिया प्रशांत की स्थिरता का प्रतीक बनेगी।