वाशिंगटन में एक नया मोड़ आया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि रूस ने भीषण ठंड के दौर में यूक्रेन के कीव सहित प्रमुख शहरों पर सात दिनों तक कोई हमला न करने का वचन दिया है। 30 जनवरी को दिए बयान में ट्रंप ने इसे मानवीय कदम बताया, जो युद्धग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को अस्थायी राहत देगा।
विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने कैबिनेट को वार्ता की गति से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि जिनेवा चर्चाओं के बाद प्रगति चार सालों से कहीं ज्यादा है, जैसा यूक्रेनी अधिकारियों ने माना। रविवार को अबू धाबी में रूसी जनरलों के साथ बैठक सफल रही, और आगे की बातें तय हैं।
सुरक्षा तथा आर्थिक पैकेजों पर काम लगभग अंतिम चरण में है। विटकॉफ के मुताबिक, यूक्रेनवासी शांति समझौते की प्रतीक्षा में हैं। ट्रंप ने सलाहकारों की नसीहत ठेंगा करके पुतिन से सीधे संपर्क किया, और ठंडी लहरों के बीच गोलीबारी रोकने पर सहमति बनी। अमेरिका जैसी ठंड ने हस्तक्षेप जरूरी बना दिया।
चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुके इस संघर्ष ने व्यापक तबाही मचाई है। ट्रंप की सक्रिय भूमिका ने जो बदलाव लाया, वह आश्चर्यजनक है। ‘ताकत के बल पर शांति’ की अमेरिकी नीति बहुआयामी संवादों से युद्ध विराम की ओर अग्रसर है, जो उम्मीद जगाती है।