बीजिंग से आई खबर के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत फू त्सोंग ने मध्यपूर्व विवाद पर सख्त रुख अपनाया। 28 जनवरी की सुरक्षा परिषद बहस में उन्होंने जोर देकर कहा कि सशस्त्र हस्तक्षेप से मुश्किलें हल नहीं होंगी, बल्कि क्षेत्रीय तबाही को न्योता देगी।
उन्होंने बताया कि मध्यपूर्व में तनावपूर्ण वातावरण व्याप्त है, जहां संघर्ष की आग धधक रही है। ईरान की संप्रभुता अक्षुण्ण है, उसके घरेलू फैसले ईरानी अवाम ही लेंगे। चीन ईरान के स्थायित्व, स्वायत्तता, सुरक्षित भविष्य और भौगोलिक एकता का खुलकर साथ देता है।
फू त्सोंग ने संबंधित देशों से कहा कि वैश्विक और स्थानीय अपीलों को अनदेखा न करें। शांति के रास्ते पर कदम बढ़ाएं, जटिलताओं को न बढ़ावा दें।
चीन वैश्विक मंच पर मध्यपूर्व民 की आजादी का आदर करेगा, पड़ोसी राष्ट्रों की व्यावहारिक चिंताओं को समझेगा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए रचनात्मक योगदान देगा।