अफगानिस्तान की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय सहायता के लिए 5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर देने का ऐलान किया है। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कैनबरा से यह घोषणा की, जहां तालिबान शासन के तहत 2.2 करोड़ लोग भुखमरी और अभाव से जूझ रहे हैं।
एक्स पर पोस्ट किए बयान में वोंग ने महिलाओं व लड़कियों के दमन की निंदा की। नौकरी, पढ़ाई, इलाज और सार्वजनिक स्थानों पर पाबंदी जैसे कदम सीडॉ का खुला उल्लंघन हैं। ऑस्ट्रेलिया वैश्विक साझेदारों संग मिलकर इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।
मंत्री ऐन एली संग जारी संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया कि सहायता का फोकस महिलाओं पर है—खाना, स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता। संयुक्त राष्ट्र के विश्वसनीय चैनलों जैसे डब्ल्यूएफपी और ओसीएचए के अफगानिस्तान फंड से यह वितरण होगा।
यूनिसेफ ने चेताया है कि देश में हर साल 37 लाख बच्चे कुपोषण से पीड़ित हैं। आर्थिक संकट, सूखे और सहायता घाटे ने हालात बिगाड़े हैं। डब्ल्यूएफपी के मुताबिक, 90% परिवारों को भोजन जुटाने में दिक्कत।
यह कदम अफगानों के लिए राहत की उम्मीद जगाता है। ऑस्ट्रेलिया महिलाओं के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वैश्विक एकजुटता से ही स्थायी समाधान संभव है।