चीन सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। 2026 तक तीन अंतरराष्ट्रीय नवाचार केंद्रों को विश्वस्तरीय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय सम्मेलन में क्षेत्रीय केंद्रों को भी मजबूत करने की योजना बताई गई, जो स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार नई उत्पादकता उत्पन्न करेंगे।
पेइचिंग में 26-27 जनवरी को हुए सम्मेलन में मंत्री यिन हेजुन ने कहा कि 15वीं पंचवर्षीय योजना के प्रारंभिक वर्ष में ‘विज्ञान प्रौद्योगिकी महाशक्ति’ का निर्माण होगा। सीपीसी के 20वें अधिवेशन के निर्णयों पर आधारित यह रूपरेखा मूल अनुसंधान और कोर तकनीकों पर केंद्रित है।
प्रमुख परियोजनाओं को गति दी जाएगी, राष्ट्रीय क्षमताओं को सुदृढ़ किया जाएगा। पिछले वर्ष 2025 में प्राप्त उपलब्धियां इसकी नींव हैं। ये केंद्र उच्च गुणवत्ता विकास के इंजन बनेंगे।
इस पहल से चीन वैश्विक नेतृत्व स्थापित करेगा। प्रौद्योगिकी नवाचार पूरे देश में फैलेगा, आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी। भविष्य में ये प्रयास अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ावा देंगे।