पश्चिमी एशिया की अस्थिरता के दौर में ईरान और सऊदी अरब के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण फोन वार्ता हुई। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को बताया कि तेहरान लड़ाई थामने और शांति कायम करने वाली हर प्रक्रिया अपनाने को इच्छुक है, यदि वह वैश्विक कानूनों के अनुरूप ईरान के हितों की पूरी गारंटी दे।
वार्ता में दोनों ने क्षेत्रीय शांति मजबूत करने पर सहमति जताई। पेजेशकियन ने अमेरिकी नीतियों की कड़ी आलोचना की, जिन्हें उन्होंने सुरक्षा को कमजोर करने वाली करार दिया। वाशिंगटन द्वारा यूरोपीय कूटनीति में हस्तक्षेप को रेखांकित करते हुए उन्होंने इसे एकतरफा आदेशों जैसा बताया।
मुस्लिम राष्ट्रों से एकता की मांग करते हुए उन्होंने विकास और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त करने को कहा। सऊदी पक्ष ने ईरान विरोधी किसी भी कार्रवाई को खारिज किया और सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके साथ ही, आईआरजीसी नौसेना के मोहम्मद अकबरजादेह ने सीमावर्ती मुल्कों को सतर्क किया कि उनके क्षेत्र ईरानी हमलों के लिए भूल न बनें। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नजरें हर स्तर पर टिकी हैं, जहाजों के आवागमन का फैसला तेहरान ही लेगा।
अमेरिकी विमानवाहक समूह की मौजूदगी से माहौल तनावपूर्ण है, लेकिन ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। यह संवाद संघर्ष से समझौते की नई संभावनाएं खोलता है।