बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख अल्लाह नजर बलूच ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के खिलाफ तीखा प्रहार किया है। उन्होंने प्रांत में लागू ‘कठोर हिरासत कानून’ को नाजी शिविरों जैसा बताते हुए पाकिस्तानी एजेंसियों पर रोजाना पांच अपहरणों का आरोप लगाया।
ट्रुथ सोशल बयान में संयुक्त राष्ट्र, ईयू, एमनेस्टी और एचआरडब्ल्यू से बलूच नरसंहार रोकने की मांग की। बुगती को कठपुतली करार देते हुए कहा कि यह कानून आकाओं की साजिश है। ‘ये केंद्र यातना के अड्डे हैं, जहां गुमशुदगी और हत्याओं का सिलसिला तेज हो गया है।’
बलूच विधायकों की चुप्पी को अपराध बताया और स्वतंत्रता संग्राम को कानूनी बताया। ‘अहिंसक होने का दावा करने वाले चुप क्यों हैं? चुप्पी अन्याय में हिस्सेदारी है।’
पिछले हफ्ते कैबिनेट ने विवादित ‘2025 नियमों’ को पास किया, जो गुमशुदों को ‘संदिग्ध’ बनाकर सीटीडी हिरासत में डालने की इजाजत देता है। यह अदालतों को दरकिनार कर मौलिक अधिकारों का हनन है।
बहुद्रुवीय दुनिया में भी यूएन की जिम्मेदारी बरकरार है, बलूच ने चेताया। इतिहास न्याय पक्षधरों और उदासीनों में भेद करेगा। प्रांत में आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।