प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में यूरोपीय नेताओं एंटोनियो कोस्टा व उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ 16वें भारत-ईयू शिखर में साझा मूल्यों पर आधारित रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का वादा किया। इनमें लोकतंत्र, अधिकार, कानून व्यवस्था व संयुक्त राष्ट्र केंद्रित विश्व व्यवस्था प्रमुख हैं।
सुरक्षा खतरे, सतत विकास, आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण व एसडीजी प्रगति पर गहन सहमति। संयुक्त बयान ने इन प्राथमिकताओं को ठोस रूप दिया।
77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि रहे कोस्टा-वॉन डेर लेयेन, साथ में कालास व शेफचोविच का दल।
प्रथम भारत-ईयू रक्षा-सुरक्षा ढांचा समुद्र, उद्योग-तकनीक, साइबर-अंतरिक्ष व आतंकवाद क्षेत्रों में गहराई लाएगा। सूचना सुरक्षा वार्ता से सहयोग सशक्त होगा।
यूएन प्रणाली व सुरक्षा परिषद सुधार पर बल। इंडो-पैसिफिक-यूरोप सुरक्षा संबद्ध, आईपीओआई-आईओआरए के तहत सहयोग वृद्धि।
यूक्रेन संकट पर मानवीय चिंता, कूटनीति समर्थन। ईरान-क्षेत्रीय मुद्दों पर शांतिपूर्ण हल। गाजा प्रस्ताव 2803, सहायता व दो-राष्ट्र समाधान।
सीमा-पार आतंक समेत सभी रूपों की स्पष्ट निंदा, पहलगाम व लाल किला हमलों का उल्लेख। उग्रवाद, फंडिंग, तकनीक दुरुपयोग रोकने का आह्वान।
यह मुलाकात वैश्विक स्थिरता के लिए भारत-ईयू की मजबूत साझेदारी का प्रतीक है।