भारत की राजधानी नई दिल्ली में रविवार को दो बड़े यूरोपीय नेताओं का शाही स्वागत हुआ। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के नाते दोनों का यह आगमन ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन का आगाज है।
वाणिज्य राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने हवाई अड्डे पर कोस्टा का स्वागत किया, जबकि वॉन डेर लेयेन का शनिवार को किया गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह समारोह भारत-ईयू की मजबूत साझेदारी को दर्शाता है। रणधीर जायसवाल ने कहा, ’16वें शिखर सम्मेलन से रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे।’
कोस्टा ने ट्वीट किया, ‘भारत के गणतंत्र दिवस से ठीक पहले नई दिल्ली पहुंचा हूं। व्यापार से सुरक्षा और पर्यावरणीय बदलाव तक हमारी साझेदारी का उत्सव मना रहे हैं।’ शिखर सम्मेलन 27 जनवरी को पीएम मोदी की मेजबानी में होगा।
भारत पहुंचने से पूर्व कोस्टा ने जोर दिया कि भारत-ईयू मिलकर अंतरराष्ट्रीय नियमों की रक्षा करेंगे। चर्चा के केंद्र में एफटीए, आपूर्ति श्रृंखला, नवीकरणीय ऊर्जा और तकनीकी सहयोग रहेंगे।
गणतंत्र दिवस पर राजपथ की शोभायात्रा में भाग लेने के साथ ही शिखर सम्मेलन वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत दिखाएगा। ईयू की ग्लोबल गेटवे योजना और भारत की आत्मनिर्भर भारत पहल के तालमेल से निवेश बढ़ेगा। रक्षा, सेमीकंडक्टर और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी। यह मुलाकात न केवल आर्थिक बल्कि सामरिक महत्व की है।