बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। नरसिंगडी जिले में गैरेज मालिक के बेटे चंचल चंद्र भौमिक (23) को कट्टर हमलावरों ने जिंदा जलाकर हत्या कर दी। ढाका पुलिस लाइन के निकट यह कृत्य समुदाय में भय व्याप्त कर रहा है।
लक्ष्मीपुर गांव के भौमिक रात को गैरेज में ही रुके थे। रात के सन्नाटे में घुस आए अपराधियों ने आग लगा दी, जो तुरंत भड़क उठी। ज्वलन पदार्थों से लबालब जगह पर भौमिक फंस गए और भयानक मृत्यु को प्राप्त हुए।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह पूर्वनियोजित अपराध था। आसपास के कैमरों से वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा और जांच तेज कर दी। ‘दोषी जल्द गिरफ्त में होंगे,’ पुलिस ने भरोसा दिलाया।
पिछले दिनों गाजीपुर, सिलहट, फेनी में हिंदुओं पर हमले हुए। मिठाई विक्रेता की हत्या, घरों पर आगजनी, चाकूबाजी—ये घटनाएं चिंताजनक हैं। हिंदू आबादी 8 प्रतिशत होने के बावजूद असुरक्षा बढ़ रही। अंतरिम शासनकाल में उग्रवाद चरम पर है।
भारत की चिंताओं के बीच चुनावी माहौल में यह हिंसा राजनीतिक रंग ले रही। सरकार को अल्पसंख्यक सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। भौमिक जैसी मौतें रोकने के लिए कठोर कदम जरूरी हैं।