अमेरिकी रक्षा विभाग ने 2026 की राष्ट्रीय रक्षा रणनीति जारी कर चीन और इंडो-पैसिफिक को प्राथमिकता दी है। इस योजना में क्षेत्रीय नियंत्रण को वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी सुरक्षा से जोड़ा गया है।
हिंद-प्रशांत आधे से ज्यादा वैश्विक जीडीपी का केंद्र बनेगा, इसलिए अमेरिका की पहुंच महत्वपूर्ण है। चीन की प्रभुता अमेरिका को आर्थिक हब से काट सकती है, जिससे उद्योग पुनरुद्धार प्रभावित होगा।
चीन की सैन्य प्रगति को सबसे बड़ा खतरा बताते हुए, पश्चिमी प्रशांत के लिए तैयार सेनाओं का उल्लेख है। आंतरिक चुनौतियों के बावजूद बीजिंग का व्यय प्रभावी है।
रणनीति संघर्ष या बदलाव नहीं चाहती, बल्कि एकाधिकार रोकना चाहती है। ‘चीन या अन्य को हम पर थोपने से रोकें।’ प्रभुत्व या दमन का इरादा नहीं।
‘नकारात्मक प्रतिरोध’ से हमले पहले विफल होंगे। पहली द्वीप श्रृंखला मजबूत होगी, सहयोगी अधिक योगदान दें।
सैन्य तैनाती कूटनीति समर्थन करेगी। ट्रंप के नजरिए पर आधारित ‘सम्मानपूर्ण शांति’ का लक्ष्य।
पीएलए संवाद बढ़ेंगे, शक्ति दिखाते हुए स्थिरता सुनिश्चित करेंगे।
घरेलू समृद्धि क्षेत्रीय पहुंच पर निर्भर। वैश्विक क्षमता बनी रहेगी।
चीन रोकना और मातृभूमि सुरक्षा निवेश तय करेंगे।