भारत की राजधानी में ईयू नेताओं का आगमन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में बड़ा कदम है। माल्टा उच्चायुक्त रूबेन गौसी ने इसे ‘सभी सौदों की जननी’ बताते हुए शीघ्र हस्ताक्षर का अनुमान लगाया। गणतंत्र दिवस और शिखर सम्मेलन के बीच यह चर्चा जोर पकड़ रही है।
उर्सुला वॉन डर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा की यात्रा भारत-ईयू संबंधों की मजबूती दर्शाती है। ‘भारत यूरोपीय देशों की सूची में सबसे ऊपर है,’ गौसी ने कहा, विदेश मंत्री जयशंकर से हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए।
फरवरी के महत्वपूर्ण दौरे ने बातचीत को नई गति दी। माल्टा भारत से भारी आयात करता है लेकिन निर्यात कम है। ईयू का हिस्सा होने के नाते यह समझौते से व्यापार संतुलित करने को उत्सुक है। ‘हम 10 गुना आयात के मुकाबले निर्यात बढ़ाना चाहते हैं।’
ईयू की व्यापार नीति के दायरे में चलते हुए गौसी ने प्रारंभ से वार्ता पर नजर रखी है। ‘हस्ताक्षर निकट हैं, जो इतिहास रचेगा।’ यह pact बाजार पहुंच, निवेश और डिजिटल व्यापार को प्रोत्साहित करेगा।
वैश्विक चुनौतियों के दौर में भारत-ईयू साझा रणनीति मजबूत बनेगी। यह समझौता आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी आदान-प्रदान का मार्ग प्रशस्त करेगा, दोनों क्षेत्रों को समृद्ध बनाते हुए।