संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने जिनेवा से अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन में व्यापक दुर्व्यवहार पर कड़ा प्रहार किया है। उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने प्रवासियों के प्रति अपमानजनक व्यवहार को लेकर चेतावनी दी कि मानव गरिमा और न्यायपूर्ण प्रक्रिया अक्षुण्ण रहनी चाहिए।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि गिरफ्तार लोगों को अक्सर वकील या अपील के साधनों से वंचित रखा जाता है। तुर्क ने अमेरिका को अपनी नीतियों में सुधार लाने और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
हिरासत केंद्रों में मौतों का सिलसिला चिंताजनक है—पिछले साल 30 से अधिक तथा इस वर्ष छह मामले। पारदर्शी जांच के बिना ये घटनाएं अनसुलझी रहेंगी, उन्होंने कहा।
मिनियापोलिस की घटनाएं उजागर करती हैं समस्या की गहराई। सात जनवरी को आईसीई ने एक अमेरिकी नागरिक को मार गिराया। इसके ठीक एक हफ्ते बाद वेनेजुएला निवासी की गोलीबारी में मौत हो गई, जिससे गुस्सा फूट पड़ा।
विरोध की लहर तेज हुई जब हवाई अड्डे पर 100 से अधिक धार्मिक नेताओं को हिरासत में लिया गया। फेथ इन मिनेसोटा ने टर्मिनल-1 जाम कर एयरलाइंस से आईसीई का साथ छोड़ने को कहा। प्रार्थनाओं, भजनों और तथ्यों के माध्यम से उन्होंने दो हजार निर्वासन और 12 कर्मचारी गिरफ्तारियों का खुलासा किया।