मिनियापोलिस-सेंट पॉल हवाई अड्डे पर धार्मिक नेताओं का उग्र विरोध प्रदर्शन तब चरम पर पहुंचा जब स्थानीय पुलिस ने करीब 100 धर्मगुरुओं को थाने पहुंचा दिया। फेथ इन मिनेसोटा ने बताया कि टर्मिनल 1 में सड़क जाम कर प्रदर्शनकारियों ने एयरलाइनों से आईसीई सहयोग खत्म करने की मांग उठाई।
प्रार्थना सभाओं में हिरासतियों की दर्दभरी कहानियां साझा की गईं। संगठन ने खुलासा किया कि यहां से 2,000 के करीब डिपोर्टेशन हो चुके हैं और 12 स्टाफ सदस्य पकड़े गए। यह ‘आईसीई आउट ऑफ मिनेसोटा’ आंदोलन का हिस्सा था, जिसमें राज्यव्यापी 700 से ज्यादा प्रतिष्ठान ठप रहे, स्कूल-कार्यालय बंद करने का आह्वान हुआ।
पृष्ठभूमि में है 7 जनवरी की घटना, जब आईसीई के जोनाथन रॉस ने मां रेनी गुड को गोली मार दी। उसके बाद इलाके में लगातार हंगामे हो रहे। प्रदर्शनकारियों ने फेडरल बिल्डिंग तक रास्ता रोका, बर्फ फेंककर गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। शेरिफ विभाग के अनुसार, घंटों चले ड्रामे के बाद बल प्रयोग किया गया।
धार्मिक नेताओं की यह हिम्मत प्रवासन नीतियों के खिलाफ नैतिक विद्रोह का प्रतीक बनेगी। आने वाले दिनों में अदालती कार्रवाई से मुद्दा और गर्माएगा, मिनेसोटा में बदलाव की उम्मीद जागेगी।