बीजिंग। विश्व आर्थिक मंच की 2026 बैठक में दावोस पहुंचे चीनी उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए चार सिद्धांत सुझाए। पोलित ब्यूरो सदस्य हे का यह दौरा चीन की वैश्विक नेतृत्व की मंशा को दर्शाता है।
भाषण में उन्होंने शी चिनफिंग के 2017 दावोस संबोधन का उल्लेख किया, जहां शी ने मुक्त व्यापार और बहुपक्षवाद का समर्थन किया था। शी की चार प्रमुख पहलें – विकास, सुरक्षा, सभ्यता और डेटा पर – विश्व समस्याओं के चीनी हल हैं।
हे लिफेंग के चार प्रस्ताव इस प्रकार हैं। प्रथम: मुक्त व्यापार को बढ़ावा देकर समावेशी वैश्वीकरण को प्रोत्साहित करना। संरक्षणवादी नीतियां वैश्विक विकास को बाधित कर रही हैं।
द्वितीय: बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत कर व्यापारिक ढांचे को सुधारना, ताकि वह अधिक निष्पक्ष बने।
तृतीय: आपसी लाभ के सहयोग से विकास चुनौतियों का सामना करना। चीन की तकनीकी और बुनियादी ढांचा सहायता अन्य देशों के लिए मॉडल है।
चतुर्थ: सम्मानजनक संवाद से मतभेद सुलझाना। हे ने कहा कि संवाद टकराव से बेहतर है।
यह भाषण ऐसे समय आया जब विश्व अर्थव्यवस्था मंदी और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है। हे लिफेंग ने चीन को सहयोगी शक्ति के रूप में पेश किया।