इजरायली वायुसेना ने दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ बुधवार को सटीक हवाई कार्रवाई की। सिडोन में पहला हमला हुआ, फिर टायर के पास बुर्ज अल-शेमाली कैंप में दूसरा स्ट्राइक, जहां एक फिलिस्तीनी मूल का हिज्बुल्लाह ऑपरेटिव मारा गया।
आईडीएफ ने बताया कि यह व्यक्ति रातोंरात येलो लाइन क्रॉस कर 188वीं ब्रिगेड के सैनिकों के पास आ धमका। तत्काल खतरे को भांपते हुए जवानों ने फायरिंग की और उसे मार गिराया। लेबनानी मीडिया ने पहले कोई हताहत न होने की बात कही, मगर इजरायली अपडेट ने सच्चाई उजागर की।
सीजफायर लागू होने के बाद ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं, आईडीएफ ने दर्जनों संदिग्धों को खत्म किया। 2025 में अमेरिका के समझौते के तहत हिज्बुल्लाह को हथियार त्यागने हैं। इसी दिशा में लेबनान सरकार ने गैर-राजकीय हथियार संग्रह का पहला फेज समाप्त किया।
इजरायली बॉर्डर से लिटानी नदी तक सेना ने प्रभावी कंट्रोल स्थापित किया। बयान में हिज्बुल्लाह का जिक्र न होने पर भी इसे लक्षित अभियान माना जा रहा। इजरायल ने लेबनानी सेना के प्रयासों का स्वागत किया।
क्षेत्र में शांति के लिए निरस्त्रीकरण जरूरी है। इजरायल की सतर्कता और लेबनान की कार्रवाई से स्थिरता आ सकती है, बशर्ते सभी पक्ष समझौते निभाएं।