चीन ने वैश्विक शासन पहल के जरिए विश्व पटल पर अपनी नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित की है। सितंबर में लॉन्च हुई इस योजना को 150 से अधिक राष्ट्रों ने अपनाया है। 19 जनवरी को उप विदेश मंत्री सुन वेईतोंग ने बताया कि बढ़ती वैश्विक समस्याओं से निपटने के लिए चीन सभी के साथ गहन सहयोग बढ़ाएगा।
यूएनएससी के महत्वपूर्ण सदस्य के तौर पर चीन बहुपक्षीयता को मजबूत करने और शासन प्रणाली में बदलाव लाने के लिए कटिबद्ध है। सुन के अनुसार, इस पहल का व्यापक स्वागत वैश्विक सहमति को दर्शाता है।
द्वितीय विश्व युद्धोत्तर व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले नेताओं और सैन्यवादी प्रवृत्तियों पर सुन ने चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि न्यायपूर्ण शक्तियां इसका डटकर सामना करेंगी। आतंकवाद विरोधी, गैर-हस्तक्षेप और प्रतिबंध-विरोधी मोर्चे पर साझेदारी मजबूत होगी ताकि वैश्विक स्थिरता बनी रहे।
यह विकास अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बदलाव का संकेत है। चीन की यह पहल पारंपरिक ढांचों को चुनौती दे रही है और अधिक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था की नींव रख रही है। भविष्य में यह सुरक्षा, विकास और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।