पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक और चिंताजनक घटना तब घटी जब मीर अली के खुशाली (मकीना) गांव में अज्ञात तत्वों ने सुबह-सुबह एक रणनीतिक पुल को विस्फोट से उड़ा दिया। इससे क्षेत्रीय संपर्क पूरी तरह भंग हो गया, और दहशत का माहौल फैल गया।
सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हुईं। उन्होंने साइट को सील कर दिया और विस्तृत तफ्तीश शुरू की। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि कई किलोमीटर दूर तक आवाज गूंजी, जिससे ग्रामीण भयभीत हो गए।
जनजीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। विद्यार्थी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं, रोगी इलाज के लिए लंबा सफर तय कर रहे, जबकि व्यापारिक गतिविधियां ठप हैं। कृषि उत्पादों का परिवहन रुकने से आर्थिक नुकसान हो रहा है।
नागरिकों ने आक्रोश जताया और दोषियों को सजा, तत्काल मरम्मत तथा चौकसी बढ़ाने की अपील की। सभाओं में लोगों ने एकजुट होकर शांति की मांग की।
पिछले दिनों कुर्रम नदी पुल पर भी इसी तरह का हमला हुआ था, जो बुनियादी ढांचे पर आतंकी रणनीति को उजागर करता है। इससे प्रांत के उत्तरी हिस्से में अस्थिरता बढ़ रही है।
आधिकारिक जांच चल रही है, जिसमें विस्फोटक सामग्री और समूहों की भूमिका खंगाली जा रही। लंबे रास्तों पर निर्भरता से जोखिम बढ़ गया है। सुरक्षा विशेषज्ञ सतर्कता और विकास पर जोर दे रहे हैं।