ईरान में गहराते संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के शासन को उखाड़ फेंकने की अपील की। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि लगातार विरोध के दौर में देश को ताजा नेतृत्व चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘ईरान को अब नई लीडरशिप अपनानी होगी।’
प्रदर्शनकारियों का आक्रोश आर्थिक मुश्किलें, दमनकारी नीतियां और हिंसा पर केंद्रित है। ट्रंप ने शासन की आलोचना करते हुए कहा कि यह सत्ता के लिए क्रूरता पर उतारू है। 800 से ज्यादा लोगों को फांसी से बचाने का फैसला ही इसका सबसे अच्छा कदम था, उनका तंज कसा।
खामेनेई पर देश को तबाह करने का इल्जाम लगाते हुए ट्रंप ने उन्हें कमजोर बताया। नेतृत्व का मतलब देश सुधारना है, न कि असहमति को कुचलना। ट्रंप ने अपने शासन की मिसाल दी कि भय नहीं, सम्मान से लोग साथ देते हैं। ईरान दुनिया की सबसे खराब जगह बन गया है।
जवाब में खामेनेई ने अमेरिका-इजरायल की चाल को नाकाम बताते हुए ट्रंप को दंगों का सूत्रधार कहा। ट्रंप के बयानों और सैन्य समर्थन के वादों ने विद्रोह को हवा दी। ईरान अशांति के जिम्मेदारों को छोड़ने वाला नहीं, युद्ध से परहेज करेगा।
ट्रंप का यह बयान क्षेत्रीय समीकरण बदल सकता है। ईरान का भविष्य अनिश्चित है, जहां जनाक्रोश और सत्ता का टकराव चरम पर है।