अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव चरम पर। डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर कई देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क की चेतावनी दी तो यूरोपीय संसद के व्यापार समिति चेयर बर्न्ड लांगे ने जवाबी कदम की वकालत की। उन्होंने एंटी-कोएरशन इंस्ट्रूमेंट फौलान करने को कहा।
ट्रंप का लक्ष्य डेनमार्क से फिनलैंड तक आठ देश। 1 फरवरी से उनके निर्यात पर शुल्क लगेगा, जो ग्रीनलैंड विवाद से प्रेरित है। लांगे ने इसे अविश्वसनीय और राजनीतिकरण का नया रूप बताया।
उनका लिंक्डइन पोस्ट साफ संदेश देता है- ईयू को मजबूत प्रतिक्रिया देनी है। आयोग बिना देरी कार्यवाही शुरू करे। ट्रंप का ग्रीनलैंड प्रेम पुराना है; पहले खरीदने की पेशकश, अब सेना का सहारा।
डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र होने पर भी कोपेनहेगन विदेश नीति संभालता है। अमेरिकी बेस मौजूद है। लांगे ने स्कॉटलैंड समझौते के उल्लंघन का हवाला दिया। काम रुकने की आशंका जताई।
संसद अगले हफ्ते राजनीतिक दलों से बातचीत करेगी। यह संकट व्यापार समझौतों को हिला सकता है। ईयू का यह रुख भविष्य के दबावों से निपटने की क्षमता दिखाता है।