नेपाल की प्रमुख पार्टी नेपाली कांग्रेस में चल रहे आंतरिक कलह ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। शेर बहादुर देउबा गुट ने चुनाव आयोग द्वारा गगन थापा को मान्यता देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। यह घोषणा शनिवार को की गई।
आयोग ने शुक्रवार को 11-14 जनवरी के विशेष महासभा से गठित थापा गुट की केंद्रीय कार्यकारिणी को वैध ठहराया, जो देउबा की मर्जी के बिना आयोजित हुई थी। देउबा गुट का कहना है कि यह कदम संविधान, कानून और पार्टी के नियमों के विरुद्ध है।
प्रेस बयान में कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्ण बहादुर खड़का को निर्देश दिया गया कि वे तत्काल सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करें। आयोग पर उनके साक्ष्यों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया।
थापा गुट ने शनिवार को बैठक कर चुनावी एकता पर जोर दिया। प्रवक्ता देवराज चालिसे के अनुसार, मार्च 2025 के संसदीय चुनावों को ध्यान में रखते हुए सभी को एकजुट होने को कहा गया। देउबा को संरक्षक पद की पेशकश का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
20 जनवरी एफपीटीपी नामांकन की डेडलाइन के साथ देउबा गुट पर दबाव है। कोर्ट से स्टे न मिलने पर थापा ही नामांकन करेगा। आनुपातिक लिस्ट जमा हो चुकी है।
275 सदस्यीय सदन में 165 सीटें एफपीटीपी और 110 आनुपातिक हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला पार्टी की दिशा तय करेगा और नेपाल की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है।