देश की आर्थिक चुनौतियों को स्वीकार करते हुए पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने कहा कि ऊंचे कर और ऊर्जा शुल्क बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भगा रहे हैं। पीआरएसी के आयोजित डायलॉग में उन्होंने पुष्टि की, ‘कंपनियां निकल रही हैं, यह हकीकत है।’ महंगे कर, बिजली दरें और वित्तपोषण को उन्होंने जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने व्यवसायों को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने की सलाह दी। हाल में दर्जनों फर्में जैसे माइक्रोसॉफ्ट, उबर, शेल ने कार्यालय खाड़ी में खोले। टेलीनॉर ने पीटीसीएल को बेचकर विदा ली। अल थानी ग्रुप ने सरकारी देरी पर नाराजगी जताई।
आर्थिक विकास स्वतः नहीं होगा, निवेश और उद्योगीकरण हेतु व्यावहारिक नीतियां चाहिए। व्यवसायिक माहौल बिगड़ रहा है, सुधार न हुए तो और नुकसान होगा। सरकार को तत्परता दिखानी होगी।