अमेरिका के राष्ट्रपति पद से विदा लेते हुए ड्वाइट आइजनहावर ने 1961 में ऐसा भाषण दिया, जो इतिहास के पन्नों में अमर हो गया। ‘मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स’ की पहचान कर उन्होंने सेना, उद्योगपतियों और राजनेताओं के नेटवर्क को खतरनाक करार दिया। यह कोई शांतिवादी की बात नहीं थी, बल्कि एक योद्धा की गहन चिंता थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका में हथियार निर्माण रुकने का नाम न ले सका। आर्थिक निर्भरता ने नीतियों को प्रभावित किया, जहां लाभ सुरक्षा से ऊपर हो गया। आइजनहावर ने चेताया कि बिना जांच के यह शक्ति लोकतंत्र को निगल लेगी। उन्होंने नागरिकों, प्रेस और विधायकों से सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।
वैज्ञानिक विकास के सैन्य नियंत्रण पर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। बाद के दशकों में वियतनाम, अफगानिस्तान जैसे युद्धों ने उनकी चेतावनी की सच्चाई उजागर की। वर्तमान में जब ड्रोन और साइबर हथियार प्रमुख हैं, आइजनहावर का भाषण भविष्य की ओर इशारा करता है। सतर्क रहना ही समाधान है।