अमेरिका में ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी के बीच कैलिफोर्निया की अदालतों ने तीन भारतीयों के हक में ऐतिहासिक फैसले सुनाए। आईसीई को बिना उचित प्रक्रिया के दोबारा गिरफ्तारी से रोका गया। पूर्वी जिले के जज ट्रॉय ननली और दक्षिणी जिले की जज जेनिस सैममार्टिनो ने अलग-अलग मामलों में रिहाई के आदेश दिए।
हरमीत एस. (21 वर्ष) अगस्त 2022 में आए। बाल संरक्षण कानूनों के तहत रिहा, डीएचएस कार्यक्रम में सक्रिय, कोई अपराध नहीं। नवंबर 2025 चेक-इन पर अचानक हिरासत—बिना नोटिस, बिना बॉन्ड सुनवाई। अदालत ने पांचवें संशोधन उल्लंघन पाया, तुरंत रिहाई व आगे के लिए खतरे का प्रमाण मांगा।
सावन के. सितंबर 2024 में राजनीतिक शरण चाहकर पहुंचे। रिहा होने के बाद नियमित रिपोर्टिंग, फिर सितंबर 2025 में चार माह की हिरासत बिना वारंट। जज ननली ने इंसाफ किया।
अमित सितंबर 2022 से अमेरिका में: रिहा, नौकरी, शरणार्थी आवेदन, साफ इतिहास। 2025 में घर से काम जाते पकड़े गए। हेबियस कॉर्पस से मुक्ति।
ये निर्णय अमेरिकी संविधान की ताकत दिखाते हैं। प्रवासी अधिकारियों को अब हर कदम पर पारदर्शिता बरतनी पड़ेगी। भारतीय समुदाय के लिए ये प्रेरणा स्रोत हैं, जो बताते हैं कि कानून सबके लिए बराबर है। भविष्य में ऐसे केस बढ़ सकते हैं।