बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही बर्बरता और पाकिस्तान की पुरानी ज्यादतियों के खिलाफ वॉशिंगटन स्थित हिंदू एक्शन ने अमेरिकी नेताओं से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। राजनीतिक उथल-पुथल के बाद अल्पसंख्यकों की चिंताजनक स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचा है।
प्रदर्शनी में उत्सव चक्रवर्ती ने कांग्रेस को फिल्में, प्रदर्शन और बातचीत से अवगत कराने की रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हालिया बदलावों से हिंदुओं पर खतरा कई गुना बढ़ गया।
पाकिस्तान के मूल हिंदू अब 1.5 प्रतिशत से भी कम हैं, लेकिन अपहरण, जबरन इस्लाम कबूल कराना और तस्करी जारी है। संगठन पाकिस्तान-भारत सीमाओं पर काम कर लड़कियों को बचा रहा है और शरणार्थी कहानियां संजो रहा।
1971 की विभीषिका याद करते हुए चक्रवर्ती बोले कि जमात ने फिर सिर उठाया है, फरवरी चुनाव जीतने की तैयारी में। सत्ता परिवर्तन के बाद पिटाई, बेइज्जती, कत्ल और आगजनी की घटनाएं खुलेआम हो रहीं, दुनिया भर में आक्रोश फैल गया।
10 फरवरी के आसपास कांग्रेस को ब्रीफिंग दी जाएगी। उन्होंने अमेरिकी संसद की नरमी को कमजोरी बताया, हिंदू अमेरिकियों की जिम्मेदारी है कि सरकारें अल्पसंख्यकों की हिफाजत सुनिश्चित करें।