अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में नोबेल विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं। डोनाल्ड ट्रंप को शांति पुरस्कार भेंट करने के बाद हेरिटेज फाउंडेशन में उन्होंने मादुरो सरकार से बचने के खतरनाक समुद्री सफर का जिक्र किया।
मचाडो के मुताबिक, लहरें छह फीट से ज्यादा ऊंची उठीं, नाव पर चोट लगी। हवाओं ने नाव को डुबोने की कोशिश की, नेविगेशन सिस्टम फेल। जीपीएस सिग्नल गायब, सैटेलाइट फोन खराब, स्टारलिंक कामचलाऊ। घंटों समुद्र में खोए रहे, मौत सांसों तक आ गई।
“हमारा बचना चमत्कार है,” उन्होंने कहा, साथी बचाने को विस्तार बाद में। वेनेजुएला संकट को अपराधी गिरोह से जोड़ा, अमेरिकी कदम को न्यायपूर्ण बताया।
ट्रंप और अमेरिकी जनता के लोकतंत्र समर्थन की सराहना की। कहा, वेनेजुएला की स्थिरता अमेरिका को मजबूत बनाएगी। बदलाव के चरण: संवैधानिक सम्मान से कैदी मुक्त, अत्याचार केंद्र बंद, पत्रकार सुरक्षा, लापता ढूंढो, प्रवासन रोकने को लोकतंत्र लाओ।
“सुरक्षा मिले तो वेनेजुएलावासी लौटकर देश बनाएंगे,” उनका संकल्प दृढ़। यह किस्सा वेनेजुएला के संघर्ष को नई ताकत देगा।