दिल्ली हवाईअड्डे पर दिल छू लेने वाले नजारे दिखे जब ईरान यात्रा से लौटे भारतीयों ने परिजनों से गले मिले। इंटरनेट ब्लैकआउट ने सबको व्याकुल कर दिया था, मगर समय रहते निकासी ने खुशियां बिखेर दीं।
एक सदस्य ने कहा, ‘मां-मौसी तीर्थ के लिए गईं। 8 जनवरी के बाद खबरोन खामोश। चिंता रुकने का नाम न ले। अब मुस्कुराहट लौट आई।’
अमरोहा के लोग पिता-बहन के लिए पहुंचे। ‘सब सामान्य बताया था मां ने, फिर सन्नाटा। केंद्र सरकार का शुक्रिया, जो इन्हें घर ले आई।’
यात्रियों की जुबानी: ‘ईरान की पुख्ता व्यवस्था। अशांति की बातें महज प्रचार। हम सुरक्षित रहे, गांव की भाभी समेत आठ लोग लौटे।’
‘हालात स्थिर। कॉल सुविधा बाद में चली। दूतावास ने साथ दिया।’ एक ने बयां किया। ‘कोई खतरा न था, खुद लौटना चुना। इंटरनेट बंदी आम प्रक्रिया, सब ठीक चला।’
पीएम मोदी की अगुवाई में सहयोग सराहा गया। ये पल मजबूत रिश्तों और सटीक कूटनीति की मिसाल हैं। जमीनी सच्चाई से साबित हुआ कि ईरान में पर्यटक सुरक्षित रहे, अफवाहें बेगुनाह।