रूस की विदेश मंत्रालय प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने 15 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीनी वीजा-मुक्त नीति को द्विपक्षीय संबंधों का मजबूत आधार बताया। शिन्हुआ के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सीमा पार पर्यटन में वृद्धि ला रही है तथा लोगों के आपसी संपर्कों को गहरा कर रही है।
नीति लागू होने के बाद पर्यटकों की आमद में लगातार उछाल आया है। रूस सभी सैलानियों का स्वागत करने को तैयार है, जिसमें बेहतरीन आतिथ्य, नवीन पर्यटन पथ, उद्योग विस्तार और आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। देश विदेशी मेहमानों के लिए आदर्श माहौल तैयार करने में लगा है।
रूस व चीन सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध हैं। यात्राएं संस्कृतियों का पुल बनाती हैं, समझ बढ़ाती हैं और पुरानी दोस्ती को निखारती हैं। आधिकारिक दौरों के साथ-साथ जन-जन के सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने भी जोर पकड़ा है, जो संबंधों की जड़ों को मजबूत कर रहा है।
वैश्विक परिवर्तनों के दौर में यह कदम दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे रहा है। पर्यटन से राजस्व बढ़ेगा, सीमावर्ती इलाके समृद्ध होंगे तथा व्यापक सहयोग के अवसर पैदा होंगे। रूस-चीन गठबंधन अब और अटूट हो चुका है।