बीजिंग से संयुक्त राष्ट्र पहुंचे संदेश में चीन ने बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का पूर्ण समर्थन घोषित किया। 15 जनवरी को सुन लेई ने महासचिव की वार्षिक ब्रिफिंग में कहा कि चीन शांति, विकास और साझा भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्तमान विश्व परिदृश्य जटिल है, संयुक्त राष्ट्र गंभीर परीक्षाओं से गुजर रहा है। सुन लेई ने चेतावनी दी कि जटिलताएं बढ़ने पर यूएन की भूमिका की रक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। तीनों आधारभूत खंभों—शांति-सुरक्षा, विकास व मानवाधिकार—को समान रूप से बढ़ावा मिले। ये परस्पर जुड़े हैं।
विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण में विकास को प्राथमिकता दें, अंतरराष्ट्रीय पटल पर इसे प्रमुखता मिले। वैश्विक प्रशासनिक ढांचे में व्यापक सुधार जरूरी हैं।
चीन का यह आह्वान उस दौर में प्रासंगिक है जब अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा तेज है। विकासशील राष्ट्रों के लिए यह संदेश आश्वासन भरा है।
चीन ने शांति सेना में योगदान बढ़ाया है और बेल्ट एंड रोड जैसे प्रोजेक्ट्स से विकास को बढ़ावा दिया। सुन लेई का भाषण बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कदम है।
भविष्य में संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर चीन की भूमिका निर्णायक होगी, जो वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी।