विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें भारत-जापान रणनीतिक संवाद में कहा कि भारत जापान के साथ अपनी मित्रता को अत्यधिक महत्व देता है। तोशिमित्सु मोटेगी को संबोधित करते हुए उन्होंने क्वाड, यूएन, जी4 और जी20 पर सहयोग को शीर्ष प्राथमिकता बताया।
दो दशकों में संबंध व्यापक और रणनीतिक बने हैं। जयशंकर ने जापान की इंडो-पैसिफिक पहल की प्रशंसा की, जो भारत के दृष्टिकोण से जुड़ती है। वैश्विक उथल-पुथल में दोनों को मिलकर काम करना आवश्यक है।
अग्रणी लोकतंत्रों के रूप में विश्व को आकार देने का दायित्व है। मोटेगी के क्षेत्रीय दौरों से इंडो-पैसिफिक से पश्चिम एशिया तक साझा स्वार्थ स्पष्ट हैं। ऊर्जा और संचार के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
75 वर्षीय राजनयिक मित्रता की ओर बढ़ते हुए साझेदारी चरम पर है। पीएम मोदी से बातचीत के आधार पर द्विपक्षीय जरूरतें सुलझेंगी। यह दोस्ती आर्थिक-रणनीतिक से कहीं आगे है।
संवाद से दोनों देशों के बीच नई संभावनाएं खुलेंगी, वैश्विक चुनौतियों का सामना मजबूती से करेंगे।