जानकारों का अनुमान है कि भारत का केंद्रीय बजट वित्तीय मजबूती, मैक्रो स्थिरता और प्रौद्योगिकी निवेश पर केंद्रित रहेगा। अनित मुखर्जी, ओआरएफ अमेरिका के विशेषज्ञ ने कहा कि कार्यकाल के बीच में सरकार पूर्ववत नीतियां बरकरार रखेगी।
ग्रामीण रोजगार योजना के बदलाव इसका प्रमाण हैं—अब यह लाभांश के बजाय अवसर सृजन पर जोर देगी। दो दशकों बाद अर्थव्यवस्था की नई जरूरतों के अनुरूप सुधार समयोचित हैं। राज्य अधिक स्वतंत्र होंगे, प्रणाली डिजिटल बनेगी, परंतु संकटकालीन रोजगार का लक्ष्य बरकरार रहेगा।
राजकोषीय मोर्चे पर जीएसटी राहत से भी आय बढ़ सकती है। व्यापार क्षेत्र संतुलित है, परंपरागत साझेदारों से हटकर नए बाजार लाभदायक होंगे। उच्च तकनीक, एआई में निवेश से प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।
अमेरिकी नीतियों का तात्कालिक प्रभाव है, मगर सरकारी कदम उद्योगों की रक्षा कर रहे। एफटीए की संभावना सकारात्मक है। वित्त मंत्री आर्थिक प्राथमिकताओं को प्राथमिकता देकर विकास पथ सुनिश्चित करेंगे।