कनाडा ने ईरान द्वारा अपने नागरिक की हत्या पर गुरुवार को आक्रोश व्यक्त किया। विदेश मंत्री अनीता आनंद ने एक्स पर पोस्ट कर शासन की क्रूरता पर प्रहार किया। कई हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए हिंसा की मांग की गई।
“ईरानी नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन ने जीवन का मूल्य ही भुला दिया,” आनंद ने कहा। कनाडा ने तत्काल हिंसा बंद करने की अपील की, बिना पीड़ित के ब्योरे दिए।
जी7 मंत्रियों ने ओटावा से बयान जारी कर कहा कि मानवाधिकार उल्लंघन पर और प्रतिबंध तैयार हैं। मौतों-घायलों पर गहरी चिंता, हत्याओं, गिरफ्तारियों और धमकियों की निंदा की।
ट्रंप ने हिंसा जारी रहने पर अमेरिकी कार्रवाई की बात कही। ईरान ने फांसी की अफवाहों को खारिज किया। यूएन के तुर्क ने प्रदर्शनकारियों को आतंकी बताने का विरोध किया। अस्पतालों पर दबाव, बच्चों सहित घायल भरे पड़े।
मानवाधिकार समूहों के अनुसार 2500 से अधिक मृत, लेकिन संचार बंदी से पुष्टि कठिन। कनाडा ने 3054 नागरिकों को ईरान छोड़ने का निर्देश दिया। 2003 की जहरा काजमी घटना स्मृति में ताजा हो गई। वैश्विक दबाव तेज।