श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में 14 जनवरी को संपन्न भारत-श्रीलंका नौसेना स्टाफ वार्ता के 13वें संस्करण ने हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को नई दिशा दी। भारतीय नौसेना ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी नौसैनिक संबंधों को सुदृढ़ करने और आईओआर में संयुक्त प्रयासों को तेज करने पर सहमति जताई।
वार्ता की सह-अध्यक्षता रियर एडमिरल श्रीनिवास मद्दुला (भारत) और रियर एडमिरल रुवान रूपसेना (श्रीलंका) ने की। फोकस रहा मौजूदा द्विपक्षीय गतिविधियों को मजबूत करना, सहयोगी कार्यक्रमों का विस्तार तथा समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रणनीतियां।
एक्स प्लेटफॉर्म पर भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने पोस्ट साझा कर बताया कि यह संवाद आईओआर की बदलती परिस्थितियों में दोनों नौसेनाओं के समन्वय को बढ़ाएगा।
इसकी पृष्ठभूमि में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी का सितंबर दौरा महत्वपूर्ण है। कोलंबो के नेशनल डिफेंस कॉलेज में उन्होंने हिंद महासागर में दोनों देशों के गहन ऐतिहासिक-सांस्कृतिक-रणनीतिक संबंधों को रेखांकित किया।
समुद्री चुनौतियों, भू-राजनीतिक उथल-पुथल, तकनीकी क्रांति और ग्रे-जोन कार्यप्रणालियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने भरोसेमंद क्षमता विकास, गहरा पारिवारिक सहयोग तथा तकनीकी अपनापन तीनों पर जोर दिया।
दौरे के क्रम में आईएनएस सतपुरा पर डेक रिसेप्शन का आयोजन हुआ, जहां श्रीलंका के मंत्री हर्षना नानायकारा मुख्य मेहमान बनीं। भारत के हाई कमिश्नर संतोष झा की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।
यह आयोजन समुद्री एवं सांस्कृतिक बंधनों की गहराई को प्रतिबिंबित करता था। दोस्ती, भरोसे और साझेदारी के मूल्यों का जश्न मनाते हुए इसने क्षेत्रीय शांति-अम्न-सुरक्षा के प्रति समर्पण को उजागर किया।
भारत और श्रीलंका का यह बढ़ता नौसैनिक सामंजस्य आईओआर की सुरक्षा व स्थिरता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।