रूस ने ब्रिटिश खुफिया एजेंसी के कथित एजेंट को पहचान कर सख्त कदम उठाया है। मॉस्को स्थित ब्रिटिश दूतावास के सचिव गैरेथ सैमुअल डेविस को एफएसबी ने जासूसी रंगे हाथों पकड़ा। दो हफ्तों के अंदर रूस छोड़ने का फरमान सुनाया गया। यह कदम यूएस-यूके की रूसी टैंकर पर संयुक्त कार्रवाई के जवाब में उठाया गया।
ब्रिटेन के कार्यवाहक राजदूत डाने ढोलकिया को विदेश मंत्रालय में बुलाकर कड़ा विरोध जताया गया। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि रूसी धरती पर ब्रिटिश स्पेशल सर्विसेज की छिपी गतिविधियां असहनीय हैं। सुरक्षा मामलों में कोई ढील नहीं बरती जाएगी।
दोनों देशों के रिश्ते लंबे अर्से से खराब हैं। जासूसी के बहाने राजनयिकों की आपसी बेदखली की घटनाएं बार-बार होती रहीं। मॉस्को का आरोप है कि लंदन दशकों से दुश्मनी की रस्साकशी कर रूस को घेरने की साजिश रच रहा है।
पृष्ठभूमि में है अमेरिका द्वारा ब्रिटिश सहयोग से रूसी जहाज मैरिनेरा पर कब्जा। जहाज खाली था, मगर अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने चालक दल पर मुकदमा ठोकने का ऐलान किया। रूस ने अपने चालक दल के अधिकारों की रक्षा की मांग की और स्थिति पर नजर रखने का कहा।
अमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बीच यह नया मोड़ अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और जटिल बना रहा है। रूस ने संकेत दिए हैं कि ऐसी चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया जाएगा, जिससे वैश्विक पटल पर नई चुनौतियां उभर सकती हैं।